दुनियाका सब ज्ञान हमारे धर्म ग्रंथ में पूरी दुनियाके सारे धर्म और उनके अनुयायी ऐसा मानकर चलते है. की दुनियाका सारा ज्ञान उनके धर्मग्रंथ में समाया है, बात सच्ची है. पर उसवक्त का सारा ज्ञान वो था जो ग्रंथ के लेखक उस वख्त जानते थे. लेकिन उनके अनुयायी ऐसा समझ बैठे है जैसे उस वक्त