पुरे मोहल्ले में बदनाम थी …मोहल्ले के सभी माताओं और उनके बच्चों के लिए घृणा का पात्र…बांझ,बदचलन तो उसका पति भी कहता था …कूटता भी रहता था आए दिन …मगर वो ब्राह्मणी इस ब्राह्मणों के मोहल्ले में बिलकुल अकेली थी …कोई बात नहीं करता था उससे …सभी माताओं ने अपने-अपने बच्चों तक को सीखा रहा