कैसे करूँ योग !

*कैसे करूँ योग !*

वो छीन कर मुझसे मेरी रोटी, मुझको योगा सिखा रहे हैं ।
मैं भूख से मर रहा हूँ साहेब ये स्वस्थ भारत बना रहे हैं ।।

किसान पर वो चला के गोली, आध्यात्म की है कमी बताते ।
वो रो रहा सिसक रहा है ये कपालभाति सिखा रहे हैं ।।

कभी तो गाय है इनका मुद्दा, कभी हैं मन्दिर का नाम लेते ।
अब मोर के आंसू पिकर मोरनी को गर्भवती बना रहे है !
अब मोर को ब्रहमचारी दिखाकर मयूर आसन करा रहे हैं ।।

मैं टैक्स के बोझो से दबा हूँ, कि टूटी है अब कमर भी मेरी ।
ये जीएसटी लगा के मुझ पर भुजंग आसन सिखा रहे हैं ।।

बनेगा कैसे ये स्वस्थ भारत, जब जात के नाम पर भेद होगा ।
वो भारत के होने वाले प्रथम नागरिक को भी दलित बता कर अपने से छोटा बता रहे है !
फंसा के जुमलो के चक्रव्यूह मे ये चक्र आसन करा रहे हैं ।।

Anna Kadlaskar

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